» COMMON VASTU TIPS IN HINDI-वास्तु टिप्स
 

 

  • ईशान कोण यानि कि भवन का उत्तर-पूर्वी हिस्से वाला कॉर्नर पूजा स्थल होके पवित्रता का प्रतीक है, इसकिए यहाँ झाडू-पोचा, कुड़ादान नहीं रखना चाहिए ।
  • प्रातःकाल नाश्ते से पूर्व घर में झाडू अवश्य लगानी चाहिए ।
  • सन्ध्या समय जब दोनों समय मिलते हैं, घर में झाडू-पौंछे का काम नहीं करना चाहिए ।
  • घर में जूतों का स्थान प्रवेश द्वार के दाहिने तरफ न रखें ।
  • घर में टूटे दर्पण, टूटी टाँग का पाटा तथा किसी बन्द मशीन का रखा होना सुख समृद्धि की दृष्टि से अशुभ-कारक है ।
  • घर में अग्रभाग के दाँये ओर के कमरे में जेवर, गहने, सोने-चाँदी का नामान, लक्जरी आर्टिकल्स रखने से खुशियाँ प्राप्त होती हैं ।
  • ड्राइंग-हॉल को अपने बेडरुम की तरह उपयोग में लेने पर पति-पत्नी को प्यार करता है और दोस्तों से अच्छे सम्बन्ध रखता है ।
  • अनाज वाले कमरे में गहने, पैसे, कपड़े रखने वाला गृह-स्वामी, पैसा उधार देने का काम करता है या भौतिक सुख-सुविधा की चीजें या बड़े सौदों से अर्जन करता है ।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुभचिह्न अंकित करना चाहिए । इससे इस में सुख-समृद्धि बनी रहती है ।
  • घर में पूजा स्थल में एक जटा वाला नारियल रखना चाहिए ।
  • घर में सजावट में हाथी, रीछ, ऊँट को सजावटी खिलौने के रुप में उपयोग अशुभ होता है ।
  • ऐसे शयनकक्ष जिनमें दम्पत्ति सोते हैं, वहाँ हंसों के जोड़े अथवा सारस के जोड़े के चित्र लगाना अति शुभ माना गया है । ये चित्र शयनकर्त्ताओं के सामने रहे इस तरह लगाना चाहिए ।
  • घर के ईशान कोण पर कूड़ा-कर्कट भी इकठ्ठा न होने दें ।
  • घर में देव स्थल पर अस्त्र-शस्त्रों को रखना अशुभ है ।
  • घर में तलघर में परिवार के किसी भी सदस्यों के फोटो न लगाएँ तथा वहाँ भगवान् और देवी-देवताओं की तस्वीरें या मूर्तियाँ भी न रखें ।
  • तीन व्यक्तियों का एक सीध में एकाकी फोटो हो, तो उसे घर में नहीं रखें और न ही ऐसे फोटो को कभी भी दीवार पर टाँगें ।
  • अगर दीवार पर कोई फोटो लगाना हो, तो उसके नीचे एक लकड़ी की पट्टी लगाएँ अर्थात् वह फोटो लकड़ी के पट्टे पर टिके, दीवार पर नहीं ।
  • यदि भूमि कछुए के पीठ के समान मध्य से ऊँची हो, तो ऐसे भूखण्ड पर निवास करने से धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है ।
  • घर में काँटेदार एवं दूध वाले वृक्षों का रोपण नहीं करना चाहिए । चम्पा, चमेली, अनार, केला, हरसिंगार के वृक्ष शुभ माने जाते हैं । वृक्ष की छाया भवन पर नहीं आनी चाहिए ।
  • शिव या सूर्य मन्दिर के सामने, जैन मन्दिर के पीछे तथा देवी मन्दिर के किसी भी भाग में घर का निर्माण कराना शुभप्रद नहीं माना जाता है ।
  • भूमि में यदि उत्तर-पूर्वी कोण (ईशान) में ढलान हो या तल नीचा हो, तो गृह स्वामी को धन एवं सुख प्रदान करती है ।
  • ईंट, पत्थर, लकड़ी इत्यादि नये भवन के निर्माण में नये ही लगाने चाहिए । किसी पुराने भवन से उखाड़कर नये भवन के निर्माण में इनका उपयोग नहीं करना चाहिए ।
  • दरवाजे का स्वतः खुलना एवं बन्द होना अशुभ माना जाता है ।
  • द्वार के ऊपर द्वार नहीं बनाना चाहिए ।
  • दरवाजा टेढ़ा-मेढ़ा, जोड़ लगा हुआ, लटका हुआ नहीं होना चाहिए ।
  • चौखट यदि एक ओर बड़ी और दूसरी ओर छोटी हो, तो इसे अशुभ फल-प्रदायक माना जाता है ।