» सुख योग
 

 

 
 
चतुर्थेश को गुरु देखता हो |
 
चौथे घर का मालिक बलवान गुरु के साथ हो |
 
चौथे स्थान मे शुभग्रह हो |
 
लग्नेश उच्च का या स्वराशिस्थ हो |
 
चंद्रमा शुभग्रहों के मध्य हो |
 
सुखेश शुभग्रहों की राशि मे हो |
 
चतुर्थेश शुभग्रहों के मध्य हो |
 
मित्र राशिस्थ हो |
 
चौथे स्थान पर शुभग्रहों की द्र्ष्टि हो |
 
चतुर्थेश पुरुष ग्रह बली हो |
 
चतुर्थ स्थान पर चन्द्र, बुध और शुक्र की दृष्टि हो |
 
चतुर्थ स्थान ब्रहस्पति द्वारा देखा जाता हो |
 
लग्नेस शुभ ग्रहों द्वारा देखा जाता हो |
 
चौथे स्थान मे स्वराशिस्थ मंगल हो |