» बहुसन्तान योग
 

 

 पंचमेश शनि शुक्र के साथ पाप स्थानगत हो |
 आठवें भाग में पंचमेश हो |
 पंचमेश तथा तृतीयेश साथ-साथ हो |
 पंचमेश के स्थान में तृतीयेश हो |
 सप्तमेश-तृतीयेश का अन्योंयास्रित योग हो |