» पितृ-सुख योग
 

 

 दशमेश गुरु शुक्र के साथ हो |
 
 नवमेश परमोच हो |
 
 सूर्य, मंगल दसवे भाव में हो |
 
 पापग्रह से रहित सूर्य दशम भाव में न हो |
 
 दशमेश शुभग्रहो के मध्य में स्थत हो |